ढूँढ रहा था इनको। सुधारें -> फ़िल्टर में फ़िल्टर डाल के तो कुछ हुआ नहीं अब .procmailrc में कुछ पङ्क्तियाँ डाली हैं। देखते हैं क्या होता है। साथ ही देखना है कि हिन्दी के शब्दों के आधार पर छँटनी होती है या नहीं।
09:15 बजे आलोक द्वारा।
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