मुद्दा यह है कि हिन्दी के अब पाँच चिट्ठे उत्पन्न हो चुके हैं। देखना यह है कि दस का आँकडा कब तक पहुँचता है। पर आँकड़ों से ज़्यादा बढ़िया बात यह है कि बढ़िया लिखने वाले लोग इस मैदान में आ रहे हैं। सम्भवतः इस कारण से लोग और अधिक प्रेरित होंगे हिन्दी के चिट्ठे पढ़ने और लिखने के प्रति।
इस बीच मोज़िला १.६ का संशोधित उद्धरण उपलब्ध है, जो कि लिनक्स पर ठीक से देवनागरी प्रदर्शित करने में सक्षम है। तो इस्तेमाल कीजिए और लुत्फ़ उठाइए। मैंने खुद इसका इस्तेमाल नहीं किया है अभी तक, इसलिए और कुछ नहीं बता सकता। सहायता के लिए
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14:42 बजे आलोक द्वारा।
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