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15.3.04

World/Hindi/संगणक/अन्तर्जाल/जाल_पर/चिट्ठे

ज़ाहिर है कि आप अपने चिट्ठे के बारे में क्या सोचते हैं, और दूसरे उसके बारे में क्या सोचते हैं, उसमें कुछ तो फ़र्क होगा। आप चाहें तो अपनी प्रविष्टि के विवरण या शीर्षक में परिवर्तन का अनुरोध कर सकते हैं, या फिर नए स्थल प्रस्तावित कर सकते हैं। इतना ही नहीं आप चाहें तो सम्पादक भी बन सकते हैं। सारे निर्णय सम्पादकों का दल लेता है, सभी सम्पादक स्वयंसेवी हैं।
08:52 बजे आलोक द्वारा।
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