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21.6.04

बिना हँसी के एक दिन

कितना भारी होता है, वह मनीला आ के पता चला। फ़िलिपीनो लोग हँसते ख़ूब है। अब अपने को भी आदत पड़ रही है धीरै धीरे। तो, मुस्कुराइए :)
19:48 बजे आलोक द्वारा।
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1 छींटाकसी -
Anonymous sharlin kaur ने अर्ज़ किया है...
अच्छा लगा लेकिन मुस्कुराने का क्या है कभी भी मुस्कुरा सकते है
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