मुख : हिन्दी : आलोक : नौ दो ग्यारह : ज़्यादा यायावरी नहीं है यहाँ

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5.8.05

ज़्यादा यायावरी नहीं है यहाँ

लेकिन पङ्कज ने कहा, सो बनाया। अपना भी बनाइए मेरे दो और भी हैं।
12:18 बजे आलोक द्वारा।
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