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28.10.05

प्रद्युम्न

बनारसी बाबू प्रद्युम्न की कविताएँ - चन्द्र को चन्द्रबिन्दु की तरह काम में लाने के असफल प्रयास का ज्वलन्त उदाहरण। पर क्या करें। उनका कोई डाक पता नहीं मिला वरना ठीक करने को बोल देते।
प्रद्युम्न
10:53 बजे आलोक द्वारा।
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