देवनागरी डॉट नेट पर मैंने पिछले साल की शुरुआत में, यानी कि जनवरी में
ऍड्सेंस विज्ञापन डालने शुरू किए थे। सौ डॉलर के आँकड़े पर पहुँचने में ग्यारह महीने लगे। मतलब कि लगभग 4500 रुपए।
एक तरह से देखा जाए तो जालस्थल पर हुए सालाना खर्चे से ये ज़्यादा है - आतिथ्य व डोमेन का सालाना खर्चा 1190 रुपए है। यानी कि लागत पर लाभ, 278%।
लेकिन ये गणित ठीक इसलिए नहीं है क्योंकि इसमें उन घण्टों का हिसाब नहीं है जो मैंने स्थल को सजाने सँवारने में लगाए हैं। न ही खर्च हुई बिजली, फ़ोन के बिल(8400 सालाना न्यूनतम) का। वो सब मिला लें तो अब तक घाटे में ही चल रहे हैं।
पर एक अच्छी शुरुआत है।
आपके क्या अनुभव हैं ऐडसेंस या
ऍडवर्ड्स के साथ?
12:52 बजे आलोक द्वारा।
7 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
मेरे ब्लॉगों पर कमाई अभी भी शून्य है!
गूगल के एडसेन्स में हिन्दी तो है नहीं, फिर आप ने कैसे हिन्दी का साइट इसके लिए रजिस्टर किया।
पंकज
हाँ, पहली बार जब मैंने अर्ज़ी दी थी तो उन्होंने भाषा की बात कह के मना कर दिया था। फिर कई महीनों बाद चिट्ठी आई कि आप शामिल हो सकते हैं। तो हो सकता है कि नीतियों में कुछ बदलाव आया हो।
और कुछ पन्ने अङ्ग्रेज़ी में भी हैं, विज्ञापन अधिकतर उन्हीं पन्नों पर हैं। शायद उन्हें देख कर इजाज़त दी हो।
look-
http://attaullah-khan.blogspot.com/
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