समाचार स्थल बनाना बच्चों का खेल नहीं। ऐसा लगता है कि रायपुर में शराफ़त दिसम्बर में समाप्त हो गई। जाल पर एक दिन बासी खबर भी महाबासी मानी जाती है, यहाँ ये पन्ना पिछले दो महीनों से जस का तस है। पर उम्मीद है कि जल्दी ही आगे काम होगा, वैसे भी यूनिकोडित समाचार स्थलों की कमी है।
वैसे
रायपुर में मैं 1995 में तीन महीने था। वहाँ के
रायपुर टुडे के बारे में भी मैं पहले चर्चा कर चुका हूँ, और
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल को देख के लगता है कि छत्तीसगढ़ और रायपुर यूनिकोडित होने में काफ़ी आगे चल रहा है।
00:54 बजे आलोक द्वारा।
2 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
खुशी हुई जानकर!!
मै अभी किसी कारणवश रायपुर शब्द से टेक्नोरति में कुछ खोज रहा था तो आपकी यह पोस्ट दिख गई!!