कई लोगों की
प्रविष्टियाँ पढ़ के कर लगा कि अरे दइया, मैं लिखने में इतनी ग़लतियाँ करता हूँ। शायद
किसीने किसी ने टोका होता तो मैं इन्हें सुधार भी लेता।
सो आज से मीन मेख अभियान शुरू किया है, दूसरों के लिखे में ग़लतियाँ निकालने का, इस उम्मीद में कि लोग यही कड़वी दवा मुझे भी पिलाने को अग्रसर होंगे।
अब होते हैं नौ दो ग्यारह, हमें है अब दफ़्तर जाना।
14:01 बजे आलोक द्वारा।
16 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
"कई लोगों की प्रविष्टियाँ पढ़ के लगा..."
क्या इसे इस प्रकार नहीं लिखा जाना चाहिए
"कई लोगों की प्रविष्टियाँ पढ़ कर लगा..."
पहले वाली मुम्बईया हिन्दी लगती हैं.
वैसे शीघ्रम भी चलेगा।
c/निकालीये/निकालिये या निकालिए
c/भुलें/भूलें
पढ़ के लगा - मेरे हिसाब से तो ठीक ही है - के और कर - दोनो ही।
औरों के क्या विचार हैं?
हैं नहीं, है।
हालाकि "पढ़ के लगा" अभी भी नहीं जच रहा.
और यह हैं तथा है का क्या चक्कर हैं.
कब हैं होता हैं और कब है.
हैं - बहुवचन
है - एकवचन
एक उदाहरण -
कर के लगा
या
कर कर लगा?
मेरे हिसाब से दोनो सही हैं, क्षेत्रीय फेरबदल हो सकते हैं।
है में भी एकवचन-बहुवचन!! यह बात मेरी जानकारी में नहीं थी.
लगता है यह चर्चा परिचर्चा पर होती तो और लम्बी चलती, यहाँ इसे आगे बढ़ाना सही नहीं हैं.
वर्तनीयाँ याद नहीं रहती इस लिए स्कुल के जमाने में हमेंशा मेरे 10-15 अंक कट जाते थे और मैं एक-दो अंको से कक्षा में दुसरे क्रम पर आता था.
आगे बढ़ाना सही नहीं है
c/वर्तनीयाँ/वर्तनियाँ
c/स्कुल/स्कूल
c/दुसरे/दूसरे
बढ़िया. अभियान में मुझे भी शामिल समझो यानी मेरी ग़लतियाँ बताने में संकोच मत करना.
'पढ़कर' ज़्यादा उचित है. 'करकर' ना लिखने की वजह तो जाहिर है. यह भ्रामक है, इसलिए 'करके' लिखते हैं. पर अन्यथा 'कर' की जगह 'के' लिखना ठीक नहीं है, भ्रमकारी भी हो सकता है.
तो लो शुरू करें सुधाराक्षरी लेकर.. :)
किसीने -> किसी ने
> शायद (किसीने) किसी ने टोका होता..
इन नियमों के अनुसार किसीने सही है।
>... गीता प्रेस वाले, मेरा मतलब हैगीता प्रेसवाले...
यहाँ क्या अन्तर है? मुझे तो पहला ही सही लग रहा है।
रमण जी:
उन नियमों के हिसाब से भी यह सही नहीं है। 'किसी' सर्वनाम नहीं है।