हिंदी में कई समाजशास्त्रियों के लेख। इनमें
नोम चोम्स्की का एक लेख भी है, जो कि काफ़ी अच्छा है। वैसे भाषाविद् चोम्स्की ने यह खोज भी की थी कि लगभग सभी भाषाओं के मूल स्वर एक से ही हैं। इसके लिए कई भाषाओं के शब्दों को एक इलेक्ट्रानिक गागर में डाल के मिश्रित करने के बाद ध्वनियों का विश्लेषण किया गया था।
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18:22 बजे आलोक द्वारा।
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