मुख : हिन्दी : आलोक : नौ दो ग्यारह : ज़ेडमैग

Can't see Hindi?

Why can't I see the Hindi section?

23.10.07

ज़ेडमैग

हिंदी में कई समाजशास्त्रियों के लेख। इनमें नोम चोम्स्की का एक लेख भी है, जो कि काफ़ी अच्छा है। वैसे भाषाविद् चोम्स्की ने यह खोज भी की थी कि लगभग सभी भाषाओं के मूल स्वर एक से ही हैं। इसके लिए कई भाषाओं के शब्दों को एक इलेक्ट्रानिक गागर में डाल के मिश्रित करने के बाद ध्वनियों का विश्लेषण किया गया था।

Labels:

18:22 बजे आलोक द्वारा।
1 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
1 छींटाकसी -
Blogger Shrish ने अर्ज़ किया है...
धन्यवाद इस जानकारी के लिए, देखते हैं।
छींटाकसी करें

इस लेख के हवाले:

Create a Link

पिछले लेख:

बासी माल:


Home © Alok Kumar alok at devanaagarii dot net, 2002-2008, सीऍसऍस © डब्ल्यू ३ सी .

Valid XHTML 1.0 Strict Valid CSS!

Google

मुख