और अब अगर यही खोज करेंगे, तो आते हैं लिनक्स के १२,२०० परिणाम।
यानी दो साल में २१ गुना बढ़ोतरी।
उसी तरह, नौ दो ग्यारह की खोज करने पर आज २०,२०० परिणाम मिले।
२००२ या २००३ में २५ परिणाम मिले थे।
पाँच साल के अंदर २५ और २०,००० में तो पूरे ८०८ गुना का फ़र्क है।
है न दिलचस्प बढ़ोतरी हिंदी के स्थलों की?
या हो सकता है गूगल ने अपनी खोज सुधार ली हो :)
शायद दोनो ही हुए हैं।
वैसे उन दिनों हिंदी खोज के लिए क्या शब्द डालें ताकि गूगल खाली हाथ न लौटे, यही सोचने में दिन के एक दो घंटे जाते थे।
तारीखें ठीक करवाने के लिए अमित जी का शुक्रिया। कोई और त्रुटि हो तो बताएँ, आपका आभारी होऊँगा।
08:19 बजे आलोक द्वारा।
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आने वाले समय में हिन्दी जाल जगत में प्रगति की रफ्तार और तेज हो जाएगी। ज्यों-ज्यों हिन्दी में कंप्यूटिंग और लेखन आसान होता जा रहा है, और लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल रही है, अंतर्जाल पर हिन्दी की समृद्धि बढ़ रही है।
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सही इंगित किया आपने।
बहरहाल छवियों की तारीख याद रखने के लिए तारीख छवि के नाम में ही लिखना शायद अच्छा होगा। :)
कुछेक लोग चले थे ज़ानिबे मंजिल, लोग आते गए कारवां बनता गया!!
मुआफ़ी इसलिए कि मूल पंक्ति की टांग तोड़ी!!
कारवां यूं ही बनता और चलता रहे यही कामना है!!