घर आँगन और
दादी के नुस्खे में अभी तक यह नहीं बताया गया है कि पतला होने के लिए कौन सा मेवा कितने दिन, कितनी बार चबाया जाए।
दरअसल मेरी कमर की गोलाई ३६ इंच हो चुकी है। केवल दो पतलून पहन पा रहा हूँ, उनमें से एक तो इसी इतवार को ली है।
खाने में
समोसे,
पीत्ज़ा,
मक्खन,
पकौड़े,
कचौड़ियाँ,
चीज़ी गार्लिक ब्रेड(खोज में कहीं नहीं मिली!),
दोसा,
शाही पनीर,
आलू टिक्की,
पनीर टिक्का सब को नौ दो ग्यारह कर दिया है। दिन में कम से कम एक घंटे चलता हूँ।
ब्रेड पकौड़े भी नहीं खा रहा और
छोले भटूरे भी नहीं। हो जाएगा एक इंच प्रति माह के दर से घटाव?
वैसे दादी की पोती को
वर्तनी ठीक करने के उपाय भी अपनी दादी से पूछने चाहिए।
Labels: घर-बार
22:43 बजे आलोक द्वारा।
11 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
२. अपने से मोटे को देखो
३. एक निब्बू पानी के गिलास मे निचोड कर सुबह खाली पेट रोजना पिऎ.( कुछ नुक्सान दिखे तो बन्द कर दे )
घुघूती बासूती
:)
जंक फूड तो नहीं खाते ना? क्या है इन दिनो इसी का हल्ला है, हर बिमारी का यही कारण माना जाता है.
http://aaina2.wordpress.com/2007/11/21/weight-loss-diet-program-2/
एक निब्बू पानी के गिलास मे निचोड कर सुबह खाली पेट रोजना पिऎ.
राज बाबू, यह पतले होने का नुस्खा नहीं है। इससे इस टोटके से पसीने में बदबू नहीं आती। मैं रोज़ पीता हूँ!! ;) वैसे सुना है कि एक गिलास गुनगुने पानी में एक पूरा नींबू और पौना चमच्च शुद्ध शहद(डाबर वाला भी चलेगा) घोलकर पीने से शरीर की चर्बी घुलती है।
बाकी आलोक भाई आप GM Diet ट्राई कीजिए। एक सप्ताह के इस जुगाड़ से वज़न कम होता है ऐसा मेरे को बहुत लोगो ने बोला है। :)
आजकल मैं सलाद वाली डाइट अपना रहा हूँ। देखता हूँ क्या बनता है।
अरे, अभी तक सुना था अब देख भी लिया कि दोनों भाषाओं में कुछ अक्षर एक तरीके से लिखे जाते हैं। अब उनके अर्थ भी एक से होते हैं कि नहीं यह मुझे नहीं पता। मैंने तो विश्वास के साथ मैन्डरिन इसलिए कहा था क्योंकि कुछ अक्षर पहचान लिए थे जिनके अर्थ मुझे फिलहाल याद हैं। :)
आप वर्ड प्रेस वाले क्या जानें पीर पराई :)
अरे तो बड़े भाई आपको किसने मना किया है वर्डप्रैस से दूर रहने को? त्यागो यह फूहड़ सेवा(जहाँ उपयोगकर्ता की सुनवाई भी नहीं है) और आ जाओ वर्डप्रैस के खेमे में!! :)