इनके चिट्ठे वाले वर्ग की तो बात ही निराली है - अपने स्थल पर अलग फ़्रेम में जालस्थल दिखा रहे हैं - बिना अनुमति के - पर उसके अलावा बाकी वर्ग तो पसंद आए। वैसे इस अग्रेज़ीमय हिन्दी स्थल की तो नुक्ताचीनी हो चुकी है, पर मुझे हॉलीवुड वाली तस्वीरें खास पसंद आईं।
नो नो, दैट्स अंग्रेज़ी - हिन्दी इज़ नौ दो ग्यारह!