मुख : हिन्दी : आलोक : नौ दो ग्यारह : शक्राणुओं से बनेंगे रोबोट

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3.1.08

शक्राणुओं से बनेंगे रोबोट

ताज़ी खबर! शक्राणुओं अपनी पूँछों के जरिए एक घंटे में २१ सेंटीमीटर चल सकते हैं, शक्राणुओं के आकार के हिसाब से यह बहुत तेज़ गति है। अतः अब चुन्ने मुन्ने रोबोटों को चलाने के लिए इनसे काम लिया जा सकेगा। पर मतलब यह नहीं है कि जब भी भविष्य में घर में रोबोट चलाने होंगे तो आपको इकसठ बासठ करना पड़ेगा, शायद चूहों के शक्राणुओं को दुहा जाए।

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18:12 बजे आलोक द्वारा।
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Blogger ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey ने अर्ज़ किया है...
खबर रोचक लग रही है,पर नैनो टेक्नॉलाजी समझने में काफी अण्डरस्टैण्डिंग गैप हैं। इस तकनीक पर सुग्राह्य सामग्री हो तो बताइयेगा।
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