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14.9.08

आज की कारस्तानियाँ

आज के दिन मैं नौ दो ग्यारह होने से पहले यह सब करते हुए धरा गया - यह सेवा पेश की है लाउडट्विटर ने, उनको धन्यवाद।
22:01 बजे आलोक द्वारा।
3 छींटाकसी
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3 छींटाकसी -
Blogger Gyandutt Pandey ने अर्ज़ किया है...
पानी तो ठण्डा है, मौसम-ए-लखनऊ कैसा था?
Blogger आलोक ने अर्ज़ किया है...
मौसम कुछ घण्टों बाद उमसगीन हो गया था। पर अब सहारनपुर पार हो चुका है, नहीं जगाधरी। भारतीय रेल की बदौलत ठण्डक है।
Anonymous sharlin kaur ने अर्ज़ किया है...
साब अपने कण्ट्रोल में है
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