आजकल डॉक्सीजॅन को आजमा रहा हूँ। बढ़िया चीज़ है। अपना काम अधिकतर सी प्लस प्लस में है लेकिन इसके जरिए जावा और सी प्लस प्लस दोनो के लिए एक ही तरह के दस्तावेज़ बनाए जा सकते हैं, और वह भी कूट के अन्दर ही अन्दर। बस देखना यह है कि दोनो पहिए एक साथ कब तक और कैसे चलते हैं।
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बता दें की आपके ब्लॉग की फीड से पोस्ट का शीर्षक नदारद रहता है और मसौदा गायब, जहमत उठा कर मूरीद को आपके ब्लॉग तक आना पड़ गया :)