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24.1.09

आज की कारस्तानियाँ

आज के दिन मैं नौ दो ग्यारह होने से पहले यह सब करते हुए धरा गया - यह सेवा पेश की है लाउडट्विटर ने, उनको धन्यवाद।
22:02 बजे आलोक द्वारा।
2 छींटाकसी
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2 छींटाकसी -
Blogger Udan Tashtari ने अर्ज़ किया है...
सारे खा गये कि कुछ बचे हैं?
Blogger Gyan Dutt Pandey ने अर्ज़ किया है...
यह लोमड़ी का संवाद है, क्या? :-)
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