मुख : हिन्दी : आलोक : नौ दो ग्यारह

Can't see Hindi?

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18.12.08

आन, बान और शान

वीर भोग्या वसुन्धरा का यह जालस्थल इतना खुफ़िया है कि सदस्यों के चिट्ठे पढ़ने के लिए भी खाताधारी बनना ज़रूरी है। आज के चोर उचक्कों वाली दुनिया में शायद यह ज़रूरी है।

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09:57 बजे आलोक द्वारा।
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4.12.08

ईरानी रेडियो

ईरानी रेडियो एऍम - शॉर्ट्वेव पर आता है यह पता चला पर यह नहीं पता चला कि इनकी हिन्दी सेवा है या केवल फ़ारसी।

वैसे सपनों के देश ईरान का यह स्थल उच्चारण जानने के लिए बहुत अच्छा है - उदाहरण के लिए ग़ज़्ज़ा - यह उच्चारण तो अपने आकाशवाणी वाले भी नहीं करते लेकिन यहाँ ऐसा लिखा देख के लगता है कि शायद यही सही हो।

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22:22 बजे आलोक द्वारा।
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29.11.07

रेडियो रूस

अगर कोई रूस को अन्य देशों के साथ उस के फ़ौजी तकनीकी सहयोग घटाने पर मजबूर करने की कोशिश करेगा तो यह कोशिश असफल होगी। - व्लादिमिर पुतिन। ऐसे दमखम वाले रूस को नौ दो ग्यारह करना आसान काम नही है। पोदकास्त भी हैं :) - इस विज्ञापन में ही कुछ वर्तनी की गलतिया हैँ, वरना स्थल एकदम पाक-साफ़ है।

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08:16 बजे आलोक द्वारा।
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7.11.07

खबर एक्स्प्रेस

बीकानेर से छपी। पर पाठकों ने टिप्पणी अंग्रेज़ी में की है। फ़िल्म समीक्षा वाला हिस्सा खास पसंद आया। धनतेरस की खोज करते करते यह मिला।

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16:24 बजे आलोक द्वारा।
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