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Can't see Hindi?

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10.2.08

मोबाइल जाल - एक जानदार सवारी, एक शानदार सवारी

सरपट दौड़ने वाला ब्रोडबैंड शादी की उस दावत की तरह ही है जिसमें पकवान इतने ज़्यादा और इतनी मात्रा में होते हैं कि इंसान आधा सामान थाली में रख नहीं पाता और बाकी आधा थाली में ले के भी फेंक ही देता है। उसके मुकाबले डायलप - की कल्पना करना ही थोड़ा मुश्किल होता है - हॉस्टल में महीने के उन आखिरी दिनों की तरह जब मेस किसी कारण से बन्द हो जाती थी और पिताजी की ओर से आठ सौ रुपए के ड्राफ़्ट की प्रतीक्षा रहती थी। जो लोग आईआईटी आदि से पढ़े हैं उन्हें इस बात की कल्पना कर पाना थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन मेरे कॉलेज के हॉस्टल की मेस में कभी कभार ऐसा हो जाता था। पर अब ब्रोडबैंड के सरपट घोड़े से उतरना पड़ा है, क्योंकि मेरे गाँव ढकोली में इस समय तार वाले फ़ोन हैं नहीं, अलबत्ता मोबाइल खूब हैं। तो मैं चला बैलगाड़ियों की खोज में। खोजबीन करने के बाद संक्षेप में बताता हूँ कि क्या जोड़तोड़ करने पड़े।
  1. एयरटेल से जी पी आर ऍस सुविधा ली। एयर्टेल शिमला के उच्चाधिकारी सुदीप जी को इसके लिए धन्यवाद।
  2. सुविधा लेने के बाद 52567 पर Mo लिख कर समोसा भेज के जी पी आर ऍस का जमाव स्थापित किया
  3. अपने नोकिया 1100 को ताक पर रख के धर्मपत्नी जी का नोकिया 6260 हथियाया, और उसमें "डिफ़ॉल्ट ऍक्सेस पॉइंट" "मोबाइल ऑफ़िस" किया।
  4. मोबाइल चिट्ठाजगत खोल के देखा। खुल गया, लेकिन डब्बे दिखे। मोबाइल चिट्ठाजगत - रोमन तो फिर भी ठीक चल रहा था। यानी कि जाल से जुड़ तो गया, पर हिन्दी वाले काम नहीं हो सकते थे।
  5. नोकिया के जालस्थल से नोकिया पीसी स्यूट 6.85.14.1 उतारा। यह काम दफ़्तर से किया क्योंकि घर पर तो अन्तर्जाल था ही नहीं, यूऍसबी अँगूठी में ले के आया कुछ 26 मेगाबाइट का है।
  6. उसे स्थापित किया। नोकिया पीसी स्यूट
  7. नोकिया 6260 के लिए सीए-53 यूएसबी केबल ले के आया, पंचकूला से, जो कि 1580 रुपए की मिली। एक और केबल इसके लिए उपयुक्त है, डी के यू - 2, लेकिन वह दुकान पर था नहीं।
  8. केबल के जरिए फ़ोन को पीसी से जोड़ा।
  9. नोकिया पीसी स्यूट में मौजूद "कनेक्ट टु इंटर्नेट" पर चटका लगाया, और स्वचालित जमाव में एयर्टेल इंडिया चुना। एयर्टेल जी पी आर ऍस
  10. जोड़ा।
  11. जुड़ गया। मोबाइल से जाल जुड़ गया
  12. यह प्रविष्टि लिखी
अब हम होते हैं नौ दो... नहीं अभी नही। कुछ और सवाल जो मेरे मन में हैं और आपके मन में भी होंगे शायद।
  1. कुल जमा ज़रूरतें थीं - जी पी आर ऍस वाला फ़ोन, जी पी आर ऍस सुविधा, नोकिया पीसी स्यूट, केबल अनिवार्य नहीं है, चाहें तो नीलदंत से भी जोड़ सकते हैं, पर फिर ऊपर लिखा 460.8, 110 हो जाता है।
  2. बी ऍस ऍन ऍल के जी पी आर ऍस का जमाव कैसे करते हैं मुझे नहीं पता है। आपको पता हो तो बताएँ।
  3. नोकिया के अलावा अन्य फ़ोनों के बारे में मेरा अनुभव नहीं है, आपको हो तो बताएँ
  4. हिन्दी + जी पी आर ऍस की सुविधा वाले मोबाइल फ़ोन हैं नोकिया 3110सी, और नोकिया 6085। और भी हैं, पर सबसे सस्ते यही हैं। 6085 केवल 4800 रुपए का है, 3110सी उससे भी थोड़ा कम ही है।
  5. किसी भी एस 60 फ़ोन यानी नोकिया ई सीरीज़ या ऍन सीरीज़ - में हिन्दी नहीं है।
  6. नोकिया 3110सी का केबल, सीरियल केबल है, जो कि नोकिया 6260 के केबल से सस्ता है।
  7. पंचकूला में 11 सेक्टर की नोकिया की दुकान के दरबान तक को भी फ़ोनों के बारे में इतनी जानकारी है कि नोकिया के शोरूम के प्रशिक्षित कर्मचारियों को शर्मिंदा कर दे। उन्हें धन्यवाद।
  8. जी पी आर ऍस का खर्चा कितना आएगा, पता नहीं, महीने के अन्त में ही मालूम चलेगा। आपको पता हो तो बताएँ।
  9. सेब और लिनक्स के लिए जमाव अभी नहीं किया है, बाकी है।
  10. नोकिया, एयर्टेल, बी ऍस ऍन ऍल - किसी का भी जालस्थल हिन्दी में नहीं है। न ही नोकिया पीसी स्यूट हिन्दी में है।
अब हम होते हैं नौ दो ग्यारह :)

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14:28 बजे आलोक द्वारा।
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5.2.08

जीपीआरएस - हिन्दी में मोबाइल जाल - कौन सा फ़ोन?

जीपीआरएस के जरिए अंतर्जाल तक आपमें से कई लोग जुड़ते होंगे, यह बताइए कि हिन्दी के जालस्थलों को मोबाइल से देखने के लिए अच्छा हैंडसेट कौन सा है? जगदीश जी ने बताया कि वे नोकिया ३११०सी का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा शायद नोकिया ६२८० और शायद ६२७० में भी यह सुविधा है, यह बताइए कि आपके क्या अनुभव हैं? पूछ रहा हूँ क्योंकि अभी घर से ब्रोडबैंड नौ दो ग्यारह है, और तरीके खोज रहा हूँ।

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19:53 बजे आलोक द्वारा।
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