मुख : हिन्दी : आलोक : नौ दो ग्यारह

Can't see Hindi?

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12.12.08

आ रहा हूँ अमरूद खाने

कहाँ? वहीं, जहाँ के मशहूर हैं! हो सकती है मुलाकात, तो बढ़िया हो। वैसे जाना मुझे उसी -पुर में है जिस -बाद में वह है। इस शनिवार और इतवार। तेरह दिसंबर की दोपहर से १४ दिसंबर की दोपहर के बीच।


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अफ़सोस कि पहले बता न पाया, ध्यान ही नहीं रहा! मुलाकात न हो पाए तो कोई बात नहीं, गलती मेरी ही है।

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05:27 बजे आलोक द्वारा।
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28.8.08

दो स्विदानिया मास्क्वा

कल लोहे की चिड़िया पे बैठ के सोने की चिड़िया की ओर वापसी है। रूस
इससे बड़ा नक्शा देखें

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12:12 बजे आलोक द्वारा।
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15.8.08

मॉस्को

हम : यह लो चॉकलेट और केक।
रूसी : वाह। आपका जन्मदिन है?
हम : नहीं। हमारा स्वतन्त्रता दिवस है।
रूसी : स्वतन्त्रता दिवस! {???} अच्छा बधाई हो।
रूसी : किस चीज़ से स्वतन्त्रता?
हम : बरतानिया से।
रूसी : हाँ हाँ हम भी वही सोच रहे थे!

मॉस्को

मॉस्को की और तस्वीरें

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16:37 बजे आलोक द्वारा।
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16.11.07

खोदा जापान मिले होटल और तस्वीरें और नेपाली

कल के लेख के बाद जापान के बारे में थोड़ी और खोज करते करते कुछ और अच्छे स्थल मिले - द वर्ल्ड इन फ़ोटोज़ और प्लानिगो - रोज कि दुनिया से तंग आ गए हों तो जमा पूँजी यूरोप घूमने लगाइए और तस्वीरें खींचिए। यह भी पता चला कि जापान में नेपाली लोग काफ़ी संगठित हैं। अब हम होते हैं नौ दो ग्यारह रोज़ की दुनिया में प्रवेश करने के लिए। रोज या रोज़?

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08:32 बजे आलोक द्वारा।
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