25.6.04
पता चला है कि
ऑपेरा, और
पोऍडिट हिन्दी में मौजूद हैं, धनञ्जय शर्मा जी की बदौलत। मान गए आपका लोहा। आप औरों को प्रेरित कर रहे हैं। बहुत बहुत साधुवाद।

अर्सा हो गया लिनक्स में काम किये, अब तो धनञ्जय जी की प्रेरणा से उम्मीद है कि जल्दी ही फिर से शुरुआत कर सकूँगा।
वैसे मैं सोच रहा था कि यदि मैं अपने जालस्थल के किसी हिस्से में लेखन का अधिकार किसी अन्य प्रयोक्ता को देना चाहूँ तो क्या ऐसा बिना डॉटाबेस के चक्करों में पड़े किया जा सकता है ?
उदाहरण के लिए,
http://devanaagarii.net/ks में कोई दूसरा प्रयोक्ता पन्ना डाल सके, पर यह प्रयोक्ता स्थल के बाकी हिस्सों में प्रवेश न कर पाए?
तो, इज़ इट पॉसिबल? टॅल मी नो।
19:07 बजे आलोक द्वारा।
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24.6.04
ख़ाक, हसरत, ज़ख्म, दरिया, इत्तेफ़ाक, इख़्लास, इब्तदा
इनमें सात में से कमसकम चार लफ़्ज़ों के मायने मालूम हों तो ज़रा अपने इबसिरात के मोती बिखेर आएँ।
22:15 बजे आलोक द्वारा।
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लॅपटॉप की खोज करते हुए मैं अब ऍप्पल की आईबुक तक पहुँच गया हूँ। किसी को अनुभव है क्या इसका? देखने में तो एकदम चकाचक लगता है, और इसके प्रयोक्ता समूहों में भी तारीफ़ ही तारीफ़ है। ख़ासतौर पर, क्या किसीने आईबुक पर लिनक्स या फ़्रीबीऍसडी का इस्तेमाल किया है?
06:28 बजे आलोक द्वारा।
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21.6.04
कितना भारी होता है, वह मनीला आ के पता चला। फ़िलिपीनो लोग हँसते ख़ूब है। अब अपने को भी आदत पड़ रही है धीरै धीरे। तो, मुस्कुराइए :)
19:48 बजे आलोक द्वारा।
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20.6.04
17.6.04
अभी अभी यह फ़िल्म देखी। बढ़िया है। इसे देख के याद आ गई 'ये वो मञ्ज़िल तो न थी' की। देखी है? पङ्कज कपूर, व अन्य कलाकार, 80 के दशक की कला फ़िल्मों में से एक। हाँ, अमेरिकन गन व इस फ़िल्म की विषय वस्तु अलग है, लेकिन दोनो ही अलग अलग तरह से आन्तरिक ग्लानि का विश्लेषण करते हैं।
19:59 बजे आलोक द्वारा।
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15.6.04
कि क्या लिखें।
कई जालस्थल हैं, और नई मुद्रलिपियाँ भी हैं, उनके बारे में एक एक करके लिखना है, और अपने पन्ने को ताज़ा रखना है। जल्द से जल्द। इस दुनिया में उसी जगह टिके रहने के लिए भी दौड़ते रहना पड़ता है नहीं तो नौ दो ग्यारह हो जाते हैं।
20:46 बजे आलोक द्वारा।
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14.6.04
आज अपने जाल सेवक से बहुत सा कचरा साफ़ किया, कुछ 2 मेगाबाइट। अब जल्द ही सभी तस्वीरें वापस आ जाएँगी स्थल पर।
22:13 बजे आलोक द्वारा।
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13.6.04
ब्लॉग्स्पॉट से
देवनागरी से वापिस
यहीं पर। कारण, कई सारे। एक तो मैंने आतिथ्य प्रदाता बदला, और उसमें पाँच मेगाबाइट की सीमा थी। दूसरे, पहले ब्लॉगर पर छवि छापने की सुविधा नहीं थी, अब है। लेकिन फ़िलहाल, छवियाँ छापने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि
हैलो पर प्रवेश करने पर त्रुटि आती है,
org.apache.xmlrpcException: Invalid character
data corresponding to XML entity
तो ऐसा क्यों? ब्लॉगर वालों को लिखता हूँ, सम्भवतः इसलिए कि
हिन्दी - Hindi शीर्षक है एक चिट्ठे का?
19:55 बजे आलोक द्वारा।
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