कई दिनों से मन में सवाल था कि हिन्दी में लिखने के पीछे हाथ धो के मैं क्यों पड़ा हूँ।
अब नहीं है।
क्योंकि हिन्दी को मेरी नहीं, मुझे हिन्दी की ज़रूरत है। अतुल जी को यह अहसास दिलाने के लिए धन्यवाद।
09:57 बजे आलोक द्वारा।
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माना कि हम अमिताभ बच्चन नहीं हैं, पर बता दो यार कि गिरगिट को क्या बोलते हैं?
पञ्जाबी में?
उड़िया में?
कन्नड़ में?
गुजराती में ?
बाङ्ग्ला में?
और मलयालम में?
10:57 बजे आलोक द्वारा।
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