16.3.06
राजनीतिक खबरों व उनका विश्लेषण आपको यहाँ मिलेगा। खबरों के साथ साथ खबरों पर छींटाकसी करने की भी सुविधा। यानी कि लेखकों व आलोचकों से सीधा संवाद।
उम्मीद है कि यह लगातार बना रहेगा, अक्सर देखते हैं कि हिन्दी विभाग चुपचाप गायब हो जाते हैं। मैंने एक
टिप्पणी छाप दी है, ठीक आई है। अन्तरापृष्ठ साफ़ सुथरा है, पसन्द आया, लेकिन लगता है ज़्यादातर लेख अनुवादित हैं।
14:14 बजे आलोक द्वारा।
5 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
9.3.06
8.3.06
7.3.06
वाह। अच्छा खासा जाल स्थल बना डाला है। लगता है इसमें सीडॅक का हाथ है।
वैसे मुझे इस स्थल का खुला जमाव बहुत अच्छा लगता है - फैले हुए, दूर दूर स्थित अक्षर, पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आती।
14:35 बजे आलोक द्वारा।
0 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
6.3.06
कोई इन्दौर वाले जानते हों तो बताएँ। इसके अलावा भोपाल और दिल्ली में भी हैं। विद्यार्थियों को लेख लिखने को कहा जाएगा जो कि बीबीसी पर छपेंगे। देखते हैं क्या लिखते हैं।
साथ ही पता चला कि बीबीसी और वेबदुनिया नें टाँका भिड़ाया हुआ है, वह भी 2002 से।
09:53 बजे आलोक द्वारा।
0 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
समाचार स्थल बनाना बच्चों का खेल नहीं। ऐसा लगता है कि रायपुर में शराफ़त दिसम्बर में समाप्त हो गई। जाल पर एक दिन बासी खबर भी महाबासी मानी जाती है, यहाँ ये पन्ना पिछले दो महीनों से जस का तस है। पर उम्मीद है कि जल्दी ही आगे काम होगा, वैसे भी यूनिकोडित समाचार स्थलों की कमी है।
वैसे
रायपुर में मैं 1995 में तीन महीने था। वहाँ के
रायपुर टुडे के बारे में भी मैं पहले चर्चा कर चुका हूँ, और
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल को देख के लगता है कि छत्तीसगढ़ और रायपुर यूनिकोडित होने में काफ़ी आगे चल रहा है।
00:54 बजे आलोक द्वारा।
2 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
2.3.06
हिन्दिनी बता रही हैं कि चार सौ टके में ऍक्स पी बिकने वाला है। पर सम्भवतः इस स्टार्टर ऍडिशन में बहुत सी चीज़ें गोल होंगी। जब विण्डोज़ ऍक्स पी होम ही कई चीज़ें चला के नहीं देता तो इस चार सौ टके वाले संस्करण की क्या काबिलियत होगी। हाँ यह है कि सौ टके की सीडी कटवाने के बजाय शायद लोग इसे लेना शुरू कर दें।
11:59 बजे आलोक द्वारा।
1 छींटाकसी
इस लेख के हवाले
1.3.06
पिछले लेख:
बासी माल: